22 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों पर विराम लग गया है। नामांकन के दिन कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि वह यह चुनाव अकेले लड़ेगी और AAP के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं होगा। इसके साथ ही कांग्रेस ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर—तीनों पदों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
कांग्रेस ने वार्ड नंबर-34 से पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी को मेयर उम्मीदवार बनाया है। वहीं, वार्ड नंबर-13 से पार्षद सचिन गालव को सीनियर डिप्टी मेयर और वार्ड नंबर-28 से पार्षद निर्मला देवी को डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है।
AAP के पास बीजेपी को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं: एचएस लकी
गठबंधन न होने को लेकर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लकी ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि AAP अंदरूनी तौर पर बिखरी हुई है और उसके पार्षद एकजुट नहीं हैं। लकी के मुताबिक, AAP के दो पार्षद पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं और कुछ अन्य पार्षदों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में AAP के पास बीजेपी को मेयर पद पर जीत से रोकने के लिए जरूरी संख्या नहीं है। ऐसे में पहले से ही कमजोर स्थिति में चुनाव लड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट
एचएस लकी ने यह भी स्वीकार किया कि AAP के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत जरूर हुई थी, लेकिन कांग्रेस के पार्षद इसके पक्ष में नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी छह पार्षद पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी मजबूती के साथ अकेले चुनाव मैदान में उतरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस अकेले ही चुनाव लड़ेगी।
पार्षदों की मौजूदा संख्या
हाल ही में AAP की दो महिला पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी के पार्षदों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। AAP के पास अब 11 पार्षद रह गए हैं, जबकि कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं। इसके अलावा कांग्रेस को सांसद मनीष तिवारी का एक अतिरिक्त वोट भी प्राप्त है।
इस बार शो ऑफ हैंड्स से होगा चुनाव
इस बार चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव गुप्त मतदान के बजाय हाथ उठाकर (शो ऑफ हैंड्स) किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इसकी अनुमति दी है। यह फैसला क्रॉस वोटिंग और बैलेट में गड़बड़ी की आशंकाओं को देखते हुए लिया गया है।
मेयर चुनाव की प्रक्रिया
चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। इस चुनाव में जनता सीधे मतदान नहीं करती, बल्कि जनता द्वारा चुने गए पार्षद वोट डालते हैं। इसके साथ ही सांसद का एक वोट भी शामिल होता है। कुल मिलाकर मेयर चुनाव में 35 पार्षदों और एक सांसद का वोट पड़ता है।
पिछले चुनाव में बीजेपी को मिला था फायदा
पिछला मेयर चुनाव 30 जनवरी को हुआ था, जिसमें कम संख्या होने के बावजूद बीजेपी ने क्रॉस वोटिंग के चलते जीत हासिल की थी और हरप्रीत कौर बबला मेयर बनी थीं। हालांकि, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद AAP-कांग्रेस गठबंधन ने जीते थे।













