12 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे तक राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 398 सड़कें बंद रहीं, जबकि 669 बिजली ट्रांसफार्मर और 529 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं। मंडी जिले में सबसे अधिक 213 सड़कें ठप हैं, वहीं कुल्लू में 84 सड़कें और 367 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। चंबा में चलती बस पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो यात्री घायल हुए।
शिमला में रातभर हुई बारिश के बाद पेड़ गिरने और भूस्खलन से कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। विकास नगर में पेड़ गिरने से एक भवन की छत टूट गई, टुटीकंडी में आधा दर्जन से ज्यादा पेड़ों ने गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। खालीनी में ढारा ढहने से छह मजदूर बाल-बाल बचे।
चंबा-पठानकोट हाईवे दुनेरा के पास धंसने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, जिससे मणिमहेश यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, मंडी-कुल्लू मार्ग पर जोगणी मोड़ के पास सोमवार रात भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया था, जिसे सुबह सात बजे बहाल किया गया।
मौसम विभाग ने 12 से 14 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 15 से 18 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस मानसून सीजन में 20 जून से अब तक 229 लोगों की मौत हो चुकी है, 323 घायल हुए हैं और 36 लापता हैं। प्राकृतिक आपदाओं और हादसों से 2,388 मकान-दुकानें, 1,955 गोशालाएं और 1,611 पशु प्रभावित हुए हैं, जबकि कुल नुकसान का आंकड़ा 2007 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
इसी बीच, चिंतपूर्णी में पंजाब के लखविंदर सिंह नामक व्यक्ति की सड़क से 30 फीट नीचे नाले में गिरने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, वह मानसिक रूप से बीमार था और पैर फिसलने से हादसा हुआ।