हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा की तुगलक क्रिसेंट लेन में स्थित कोठी में मेन गेट के पास बने कमरे (स्टोर रूम) में आग लगने व अधजले नोट मिलने के मामले में गुरुवार को तुगलक रोड़ थानाध्यक्ष उमेश मलिक, एसआई रजनीश और पीसीआर में तैनात एक सिपाही के बयान दर्ज किए गए। मामले की जांच के लिए सप्रीर्म कोर्ट की ओर से बनाई गई तीन जजों की कमेटी ने नई दिल्ली में किसी गुप्त जगह पर बयान दर्ज किए। इनमें तुगलक रोड़ थानाध्यक्ष उमेश मलिक के बयान को अहम माना जा रहा है।
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वहीं, दिल्ली अग्निशमन सेवा प्रमुख अतुल गर्ग के भी बयान दर्ज किए गए। सूत्रों के अनुसार, गर्ग ने चाणक्यपुरी स्थित हरियाणा गेस्ट हाउस में जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। हालांकि, गर्ग ने अग्निशमन कर्मियों द्वारा नकदी मिलने के दावों से इनकार किया है।
पुलिस अधिकारियों ने अनुसार उन लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं जो मौके पर गए थे। जो अंदर गए थे उनके बयान अहम माने जा रहे हैं। तुगलक रोड़ थानाध्यक्ष, एसआई रजनीश व जांच अधिकारी हवलदार रूप सिंह के बयान अहम माने जा रहे हैं। इसके अलावा मौके पर गई पीसीआर में तैनात सिपाही भी आग बुझने के बाद कमरे में गया था। उसने अपने मोबाइल से वीडियो बनाई थी। उसके भी फोन को जब्त किया गया है। पुलिस ने स्थानीय पुलिस के पांच व चार पीसीआर कर्मियों के मोबाइल जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा दिल्ली नगर पालिका परिषद(एनडीएमसी), सीपीडब्ल्यूडी कर्मयारी व अग्रिशमन विभाग के उन अधिकारियों के बयान दर्ज होंगे जो मौके पर गए थे। दिल्ली पुलिस ने आग लगने वाले कमरे को बुधवार को सील कर दिया था। मौके पर आई पीसीआर वैन विक्टर-41 में चार पीसीआर कर्मी तैनात थे। इन चारों के मोबाइल के अलावा सभी के बयान दर्ज किए गए हैं।